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these four players can book their australia ticket for t20 world cup
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भारत ने 27 अगस्त से होने वाले एशिया कप के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम से कम से कम यह तो पता चलता है कि इस साल अक्टूबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए सिलेक्टर्स किस दिशा में सोच रहे हैं। युवाओं को मौका देकर वे अधिक से अधिक विकल्प खुले रखना चाहते हैं। इसके साथ ही अनुभवी रविचंद्रन अश्विन एक बार फिर स्कीम ऑफ थिंग्स में नजर आ रहे हैं। शायद वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नमेंट और ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों के चलते इसके बारे में सोचा जा रहा है।

साथ ही युवा पेसर अर्शदीप सिंह की यॉर्कर पर भरोसा जताया गया है और रवि बिश्नोई को बतौर दूसरा लेग स्पिनर चुना गया है। दीपक हुड्डा ने मिले मौकों को भरपूर भुनाया है और खुद को मिडल-ऑर्डर में एक दावेदार के तौर पर पेश किया है। तो कौन से ऐसे खिलाड़ी हैं जो एशिया कप से वर्ल्ड कप का अपना दावा मजबूत कर सकते हैं।

अर्शदीप सिंह

अर्शदीप ने इंग्लैंड दौरे पर टी20 इंटरनैशनल डेब्यू किया। बाएं हाथ के इस युवा पेसर ने इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था जिसका इनाम उन्हें भारतीय टीम में जगह के तौर पर मिला। अर्शदीप की खासियत यह है कि वह किसी भी सिचुएशन में गेंदबाजी कर सकते हैं।

नई गेंद हो या मिडल ओवर और डेथ ओवर्स में यॉर्कर पर उनका नियंत्रण देखने वाला होता है। सिर्फ 6 टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले अर्शदीप के पास एशिया कप वर्ल्ड कप के अपना दावा मजबूत करने का एक मौका हो सकता है। उनका इकॉनमी 6.33 का है और उन्होंने कुल 9 विकेट लिए हैं। एशिया कप उनके लिए पहला बड़ा मल्टी टीम इवेंट होगा और यहां उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

रवि बिश्नोई

रवि बिश्नोई ने 2020 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्रभावित करना शुरू किया। लेग ब्रेक गुगली गेंदबाजी करने वाले बिश्नोई को युजवेंद्र चहल के साथ कलाई के दूसरे स्पिनर के तौर पर चुना गया है। एशिया कप यूएई में खेला जा रहा है और वहां की पिचें स्पिनर्स के लिए मददगार साबित होती हैं। उन्हें चहल और अश्विन के होते प्लेइंग इलेवन में कितना मौका मिलेगा यह देखना दिलचस्प होगा लेकिन बिश्नोई ने यह तो दिखाया है कि बड़े मैचों के लिए तैयार हो रहे हैं।

लेग स्पिन से बहुत ज्यादा अपनी गुगली पर निर्भर रहने वाले बिश्नोई ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप खेलने जाएंगे या नहीं यह बड़ा सवाल है क्योंकि तेज गेंदबाजी के लिए मुफीद माने जाने वाली वहां की पिचों पर सिलेक्टर्स कितने स्पिनर्स को चुनते हैं यह बड़ा सवाल है। लेकिन बिश्नोई को चहल के बैकअप के तौर पर देखा जा रहा है यह साफ नजर आता है।

और क्या पता सिलेक्टर्स ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों और टी20 क्रिकेट में कलाई के स्पिनर की अहम भूमिका को देखते हुए दांव चल ही दें। पर उसके लिए बिश्नोई को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

दीपक हुड्डा

दीपक हुड्डा ने तो अपने खेल से इतना प्रभावित किया कि जब विराट कोहली के टीम में आने के बाद उन्हें बाहर किया गया तो सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। हुड्डा मिडल-ऑर्डर में अपनी जगह तेजी से पक्की कर रहे हैं। हालिया वक्त में मिडल-ऑर्डर टीम इंडिया की समस्या रहा है और हुड्डा इसका मजबूत जवाब बन रहे हैं। उन्हें अब श्रेयस अय्यर से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। एशिया कप के लिए चुनी गई टीम में अय्यर बैकअप खिलाड़ी हैं और हुड्डा मुख्य टीम का हिस्सा।

आयरलैंड में टी20 इंटरनैशनल में सेंचुरी लगाकर दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपना दम साबित किया। हुड्डा की खासियत है कि बल्लेबाजी में अलग-अलग गियर होना। वह परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी कर सकते हैं। तेज रफ्तार के साथ स्मूथनेस नजर आती है।

नौ टी20 इंटरनैशनल मैचों में उनका बल्लेबाजी औसत 54.80 का है और सबसे बड़ी बात स्ट्राइक रेट 161.17 का। यानी रन बनाने की स्पीड कमाल की है। उन्होंने कुल रन बनाए हैं 274। सिलेक्टर्स 27 साल के इस खिलाड़ी को वनडे इंटरनैशनल में भी आजमा रही है जहां उन्होंने 5 मैचों में 115 रन बनाए हैं। इसके साथ ही वह ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं।

रविचंद्रन अश्विन

अश्विन का नाम इस लिस्ट में हैरान कर सकता है। वेस्टइंडीज दौरे पर अश्विन को टी20 टीम का हिस्सा बनाकर सिलेक्टर्स ने थोड़ा चौंकाया। अश्विन जिन्हें आमतौर पर सिर्फ टेस्ट क्रिकेट या कभी-कभी वनडे के लिए मुफीद माना जा रहा था वह अब लगातार टी20 सेटअप का भी हिस्सा हैं। विदेशी दौरों पर तो टेस्ट क्रिकेट में भी अश्विन भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी कई बार नहीं होते थे। कई जानकार अश्विन को वर्ल्ड कप की टीम में नहीं देखते हैं। संजय मांजरेकर जैसे जानकार तो साफ तौर पर यह कह चुके हैं।

ऐसे में इस अनुभवी ऑफ स्पिनर को वेस्टइंडीज के बाद एशिया कप के लिए भी चुनना वाकई हैरान करने वाला रहा। लेकिन राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा का प्रबंधन शायद अश्विन को लेकर अधिक गंभीर है।अश्विन के पास अनुभव है, इसमें कोई संदेह नहीं। और अनुभव का कोई मुकाबला नहीं होता। अब अश्विन टी 20 वर्ल्ड कप जाएंगे या नहीं इस सवाल का जवाब अभी दे पाना मुश्किल है लेकिन सिलेक्टर्स ने सिचुएशन रोचक जरूर बना दी है।

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